पहला संकल्प
51,000
बेटियों का सामूहिक विवाह
बेटी को विदा करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य नहीं है।

संकल्प
हमारा पहला संकल्प देश भर में सामूहिक विवाह समारोहों के माध्यम से हर समुदाय की 51,000 बेटियों का कन्यादान करना है। पहले चरण में हम 5,000 बेटियों का कन्यादान करेंगे।
कन्यादान परिवार यह सुनिश्चित करेगा कि हर बेटी का विवाह पूर्ण सम्मान, उचित रीति-रिवाज़ों और पारदर्शिता के साथ हो। उसे विदा करना ही हमारा एकमात्र उद्देश्य नहीं है। उसके सुरक्षित और सुखी भविष्य की देखभाल भी हमारी ज़िम्मेदारी है।
यह वृत्त पूरे संकल्प की 51,000 बेटियों में से पहले चरण के 5,000 के लक्ष्य को दर्शाता है। यह पहले से संपन्न हो चुके विवाहों का रिकॉर्ड नहीं है।
विवाह कैसे संपन्न होता है
सम्मान, रीति-रिवाज़ और खुली प्रक्रिया
01
सम्मान
हर बेटी का स्वागत और विदाई परिवार की तरह की जाती है, कार्यक्रम की किसी संख्या की तरह नहीं।
02
रीति-रिवाज़
विवाह उन रीति-रिवाज़ों और देखभाल के साथ संपन्न होता है, जिनका यह अवसर अधिकारी है।
03
पारदर्शिता
कन्यादान परिवार प्रक्रिया को खुला रखता है, ताकि विश्वास इस समारोह का हिस्सा बने।
सहभागी बनें
उसके सुरक्षित और सुखी भविष्य की देखभाल भी हमारी ज़िम्मेदारी है।
विवाहों के लिए दिया गया दान इसी संकल्प के नाम दर्ज किया जाता है।

